डायलिसिस सेंटरों में मरीजों को नई जिंदगी मिलती है लेकिन ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में स्थापित डायलिसिस सेंटर में मरीजों को जिंदगी नहीं बल्कि मौत मिलती है. पिछले डेढ़ माह से यह सेंटर बिना डॉक्टर के चल रहा है. इस सेंटर को शुरू हुए अभी छह माह भी नहीं हुए हैं. इस डायलिसिस सेंटर में अब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी है. बावजूद इसके पीपीपी मोड में डायलिसिस सेंटर चलाने वाली कंपनी और स्वास्थ्य महकमे की नींद टूटी है.from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2E3HgME








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