
शीत मरूस्थल के नाम से विख्यात लाहौल घाटी में तमाम खेत खलिहान विरान हो चुके हैं. घाटी की 50 प्रतिशत आबादी वाला क्षेत्र बर्फ से ढक चुका है. कुछ ही दिनों बाद रोहतांग दर्रा बर्फबारी के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया जाएगा. इससे घाटी के लोगों का एक बार फिर शेष देश व दुनिया से संपर्क कट जाएगा. ऐसे में यहां के लोगों को तकरीबन 5 महीने का राशन, लकड़ी, पशुओं के लिए चारा तथा दूसरे जरूरी चीजों का भंडारण करना होता है. लोग सर्दियों से बचने के लिए लकड़ी काटने लगे हैं. गर्म कपड़े तैयार किए जाने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दौरान बिजली, दूरसंचार, इंटरनेट की भारी दिक्कत रहती है. बीमारी के दौरान लोगों को पैदल क्षेत्रीय अस्पताल केलांग ले जाया जाता है. वहीं मुख्यालय में विशेषज्ञ डॉक्टर के नहीं होने के कारण लोगों की मौत भी हो जाती है. बाबजूद इसके यहां के लोगों ने अपने पूर्वजों के अनुभव के आधार पर सहर्ष जीना सीख लिया है. (केलांग से प्रेम लाल की रिपोर्ट)
from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2FL4gBJ
0 comments:
Post a Comment