शिमला नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते शहरी गरीबों को पांच साल बाद भी आशियाना मुहैया नहीं हो पा रहा है. इसका जीता जागता उदाहरण निगम के तहत चल रहे राजीव आवास योजना में देखने को मिल रहा है. साल 2012 में शुरू हुए इस योजना का निर्माण कार्य पांच साल बाद भी सुस्त गति से किया जा रहा है जिसके चलते शहर के करीब 300 गरीब परिवारों को झुगी झोपड़ी में अपना गुजर बसर करना पड़ रहा है.from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2onnv8V








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