आरोपी भावुक पराशर ने तहसीलदार के आरोपों को सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ मुख्यमंत्री को एक शिकायत की हुई है, जिसके बाद जब तहसीलदार के पास रजिस्ट्री की नकल लेने गए तो लेकिन नकल देने में आनाकानी की.from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2wq3eXm











एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने बताया कि हेमलता ने पहले भी ससुराल वालों के खिलाफ एक शिकायत महिला थाना में दर्ज करवाई थी, जिसका चालान कोर्ट में भेजा जा चुका है.
हिमाचल पर 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चढ़ चुका है. ऐसे में सवाल यह उठता कि कर्जे से सरकार चलाने का काम रुकेगा. हालांकि, जयराम सरकार दावा कर रही है कि इन्वेस्टर मीट और केंद्रीय सहायता से इस विकट स्थिति से पार पाया जाएगा.
